The khutbah starts after the second adhan
خطبہ دوسری اذان کے بعد شروع ہوتا ہے
न अकाउंट, न पहचान, न निगरानी।
मुनीब आपके बारे में क्या रखता है
सेव की हुई मस्जिदें, ख़ुत्बे की भाषा, पाठ का आकार और रिमाइंडर।
अज़ान का हिसाब इस मस्जिद के इलाक़े के लिए मंत्रालय की समय-सूची से होता है, इसलिए यह छपे हुए चार्ट से मिलता है। इक़ामत वैसी ही है जैसी मस्जिद बताती है, और इस पेज पर हर समय के साथ लिखा है कि वह कहाँ से आया और कितना पुराना है।